Rajasthan History, Map, Culture, Capital, Social life- in Hindi

Rajasthan | History, Map, Culture, Capitalराजस्थान का इतिहास – History of Rajasthan

Rajasthan अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया था ! इसके पूर्व अनेक देसी रियासतों में विभक्त था ! इस प्रदेश का History अति प्राचीन है और भारतीय इतिहास में इसका अपना विशिष्ट स्थान है !

ब्रिटिश काल में भी इस क्षेत्र के शासको को अधीनस्थ शासक बना रहने दिया, इसी काल में इस क्षेत्र को राजपूताना कहा जाने लगा, कुछ इसे रजवाड़ा भी कहते थे ! स्वतंत्रता प्राप्ति के समय इस क्षेत्र में 18 देशी रियासतें व ठिकाने थे !

राजस्थान, जिसका अर्थ है ” राजाओं का निवास “, पहले कहा जाता थाराजपुताना , ” राजपूतों का देश ” (राजाओं के पुत्र [राजकुमारों]) !

Rajasthan, meaning “The Abode of the Rajas,” was formerly called Rajputana, “The Country of the Rajputs” (sons of rajas [princes]).  अंग्रेजों ने इसे राजपूताना अर्थात राजपूतों का देश कह कर पुकारा कर्नल टॉड ने  इसे “ रजवाड़ा ” या “ रायथन “  कहां था !

पुनर्गठन आयोग का नाम  – Rajasthan

इस प्रदेश का नाम राजस्थान इसलिए किया गया, क्योंकि इस क्षेत्र में कुछ राज्यों को छोड़कर सभी राजपूत शासकों के राज्य थे ! एकीकृत राज्य का नाम राजस्थान सर्वथा उचित  है , क्योंकि राजपूतों की प्रधानता इस क्षेत्र में थी ! वहीं प्रमुख शासक थे, राजस्थान शब्द उन शासकों अथवा वीर जाति का स्मरण कराता है !

जिन्होंने अपने अस्तित्व के लिए सदैव संघर्ष किए थे ! मरूभूमि होते हुए भी इसके कण-कण को उन्होंने पूजा, इसके लिए बलिदान दिए तथा ! राजपूत वीरांगनाओं ने इसे जौहर द्वारा पूज्य बनाया, इन शासकों ने इस क्षेत्र में कला, साहित्य, संस्कृति, का विकास किया और उन पर उनकी स्पष्ट छाप है !

राजस्थान का प्रत्येक पस्ट इनकी वीर गाथाओं, से भरा पड़ा है ! इस दृष्टि से राजस्थान नाम पूर्णता सार्थक है यह नाम राजपूतों के इतिहास से संबंध होने के कारण दिया गया था !

Rajasthan  की भौगोलिक स्थिति – Geographical location of Rajasthan

राजस्थान , उत्तर-पश्चिमी भारत का राज्य , भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है ! उत्तर में पंजाब, पूर्व में उत्तर प्रदेश, उत्तर पूर्व में हरियाणा, दक्षिण पूर्व में मध्य प्रदेश, और दक्षिण पश्चिम में गुजरात राज्य स्थित है ! इसकी पश्चिमी सीमा पाकिस्तान से लगती है !

राज्य के पूर्व-मध्य भाग में राजधानी जयपुर है !  इसका आकार विषम कोण त्रिभुज जैसा है. उसका क्षेत्रफल 3422 39 किलोमीटर है!

भूमि  – Land

राजस्थान की प्राकृतिक संरचना एक समान नहीं है ! यहां कई पहाड है, तो कई मैदान, कहीं मरुस्थल है ! राजस्थान ही भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है !

जहां पहाड़, पठार, मैदान, रेतीली, बंजर, भूमियों, नदी घाटी, के बिहडो, प्राकृतिक एवं कृत्रिम झीलों, बारहमासी से लेकर बरसाती नदी नालों, और पहाड़ों से भरा पड़ा है !

Rajasthan भारतवर्ष के पश्चिमी भाग में स्थित है ! इसकी प्राकृतिक संरचना में अरावली पर्वत महत्वपूर्ण स्थान है ! जिसको संसार का सबसे प्राचीनतम पर्वत माना जाता है !

अरावली (अरावली) रेंज राज्य भर में एक पंक्ति बनाती है ,जो गुरु शिखर से लगभग चलती है ! माउंट आबू (5,650 फीट [1,722 मीटर]),  उत्तरी पश्चिमी भाग में अब थार का रेगिस्तान पाया जाता है !

यह रेगिस्तान मरुस्थल के नाम से भी जाना जाता है ! पूर्व भाग में मैदान है जो नदियों द्वारा निर्मित है  तथा दक्षिणी पश्चिमी भाग में पठार है, जो दक्षिणी पठार का एक भाग है!

जल स्रोत –Water Source

अरावली राजस्थान का सबसे महत्वपूर्ण जलक्षेत्र है ! पूर्व में, चंबल नदी – जो राज्य की सबसे बड़ी और बारहमासी नदी है. चंबल की प्रमुख सहायक बनास नदी, -कुंभलगढ़ किले पास अरावली, पहाड़ी से निकलती है ! और मेवाड़ पठार के समस्त जल को इकट्ठा करती है !

 और राजस्थान मे अन्य नदिया आम तौर पर पूर्वोत्तर, की ओर बहती हैं ! उत्तर मे बाणगंगा जो जयपुर जिले के बैराठ, की पहाड़ियो से निकाल कर बाद , पूर्व की ओर बहती, और यमुना मिल जाती है !

लूनी नदी अरावली के पश्चिम में एकमात्र महत्वपूर्ण नदी है ! यह मध्य राजस्थान के अजमेर शहर के पास निकलती है और 320 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में गुजरात राज्य के कच्छ के रण में विलुप्त हो जाती है !

मिट्टी – Soils

पश्चिमी राजस्थान की मिट्टी बालू अथवा रेतीली जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर उड़ती रहती है ! जिससे जगह-जगह बिखरी कहीं पहाड़ियां और शैलो के दृश्य दृष्टिगोचर होते हैं !

इस पश्चिमी, भाग में मिट्टी की उर्वरता पश्चिमी, और उत्तर पश्चिम, से पूर्व की ओर बढ़ती जाती है ! अधिकांश भाग में मिट्टी क्षारीय हैं ! अरावली श्रेणियों के पूर्वी भागों में लेटराइट, लाल, दोमट, अचारी, या काली आदि मिट्टियां पाई जाती है !

जलवायु – Climate

राजस्थान की जलवायु को मोटे तौर पर मानसूनी कहा जाता है ! जहां वर्षा मानसूनी हवाओं से होती है ! तापमान की दृष्टि से इसके, मरुस्थलीय क्षेत्रों में पर्याप्त विषमताएं पाई जाती है ! राजस्थान की जलवायु मानसूनी है, इसका अभिप्राय है कि यह ग्रीष्म काल के बाद एक विशेष मौसम, वर्षा काल में वर्षा होती है !

ये वर्षा अरब सागर से उठने वाले मानसून से होती है ! वैसे तो राज्य में ऋतु निर्धारित की गई है ! कि भौगोलिक दृष्टि से तीन प्रमुख हैं !

ग्रीष्म ऋतु – (मार्च के मध्य जून)- जून तापमान का सबसे गर्म महीना,-आम तौर पर (लगभग 30 डिग्री सेल्सियस), से बढ़कर लगभग 110 डिग्री प्रतिदिन होता है ! गर्मियों में गर्म हवाएं और धूल के तूफान आते हैं, विशेष रूप से रेगिस्तान में

वर्षा ऋतु – (मध्य जून से सितंबर)- पश्चिमी रेगिस्तान में लगभग, 4 इंच (100 मिमी) सालाना औसत बारिश होती है ! दक्षिण-पूर्व में, हालांकि, कुछ क्षेत्रों में लगभग 20 इंच (500 मिमी) प्राप्त हो सकते हैं !

शीत ऋतु – (अक्टूबर से फरवरी) – जनवरी में – सर्दियों के महीनों में सबसे ठंडा- दैनिक अधिकतम तापमान – 12 न्यूनतम तापमान आमतौर में (लगभग 7 डिग्री सेल्सियस) होता है !

mehrangarh fort

Rajasthan –  पौधे और पशु जीवन – Plant and animal life

राजस्थान में प्राकृतिक वन संपत्ति के अंतर्गत, वन कटीली झाड़ियों  घास आदि शामिल है ! राज्य में कुल क्षेत्रफल का 10 प्रतिशत भाग में ही वन है ! Rajasthan का मुख्य व्यवसाय कृषि एवं पशुपालन है ! मुख्य रूप से ऊंट, बकरी, भेड़, गाय, और बैल, भैंस

राजस्थान की जलवायु अरावली पर्वत, प्रदेश एवं कई कई घने जंगलों के कारण यहां काफी संख्या में वन्य जीव पाए जाते हैं ! जबकी वर्षा की कमी के कारण अधिकांश क्षेत्र में वनों की कमी है !

इसके बावजूद भी काफी मात्रा में वन्य प्राणियों के मामले में राजस्थान में बाग, तेंदुआ, जंगली, बिल्ली, सीता, बिज्जू, रेगिस्तानी बिल्ली, भेड़िया, सियार, लोमड़ी, जरक, हिरण, नीलगाय, हिरण, खरगोश, मोर, गोडाव, जंगली कुत्ता प्रमुख है !

Rajasthan –  अभ्यारण व राष्ट्रीय पार्क – Sanctuary & National Park

केवलादेव घना राष्ट्रीय पक्षी अभ्यारण – भरतपुर, रणथंबोर वन्यजीव अभ्यारण -सवाई माधोपुर, इसकी स्थापना 1957 58 में हुई थी ! यह अभ्यारण बाघ संरक्षण हेतु प्रोजेक्ट टाइगर परियोजना के अंतर्गत शामिल किया गया है ! राष्ट्रीय मरू उद्यान -जैसलमेर, सरिस्का वन्य जीव अभ्यारण – अलवर, आबू सरंक्षण स्थल सिरोही,  रणकपुर कुंभलगढ़ अभ्यारण !

भाषा – Language

हिंदी राज्य की आधिकारिक भाषा है, और कुछ हद तक इसने राजस्थान की स्थानीय भाषाओं पर नियंत्रण किया है ! राज्य की अधिकांश जनसंख्या राजस्थानी भाषा, बोलती है !

चार मुख्य राजस्थानी भाषा, पश्चिमी राजस्थान में मारवाड़ी, पूर्व और दक्षिण – पूर्व में जयपुरी, या धुंधरी, दक्षिण पूर्व में मालवी, और उत्तर पूर्व में मेवाती, अपनी छटा बिखेरती है ! ब्रज भासा (एक हिंदी बोली) उत्तर प्रदेश के साथ सीमा क्षेत्रों मे बोली जाती है !

Rajasthan | History, Map, Culture, Capital,- in HindiRajasthan – लोग – People

जनसंख्या की रचना – Population composition

राजस्थान कम आबादी वाले प्रदेशों में गिना जाता है , यहां की जनसंख्या कम है ! इसलिए यहां जनसंख्या का घनत्व भी कम है !  राजस्थान की अधिकांश आबादी में विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और धार्मिक, पृष्ठभूमि के भारतीय शामिल हैं !

राजपूत (भूस्वामी शासकों और उनके वंशजों के विभिन्न कुलों), हालांकि राजस्थान के निवासियों के केवल एक छोटे प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं ! वास्तव में, राज्य का नाम उस समुदाय से जाना जाता है !

जाति संरचना, कई जाता गोत्र रों में विभाजित है –  ब्राह्मण (उच्चतम जाति , (प्रजातियों के गरु),  महाजन (व्यापार जाति) , उत्तर और पश्चिम में जाट (किसान जाति), और गूजर (चरवाहा जाति), सबसे बड़े कृषि समुदायों में से हैं !

राज्य के पूर्वी

         भाग में, मीना (और संबंधित) मेओ शामिल है, जिनमें से अधिकांश किसान हैं ! बंजारा यात्रा व्यापारी और कारीगर के रूप में जाना जाता है ! और गडिया लोहार, एक और ऐतिहासिक रूप से चलने वाली जनजाति है, जो परंपरागत रूप से कृषि और घरेलू उपकरणों की मरम्मत करते है !

भील , भारत में सबसे पुराने समुदायों में से एक है , जो आम तौर पर दक्षिणी राजस्थान में निवास करते हैं ! और तीरंदाजी में महान कौशल रखने का एक History है ! गरासिया और काठोड़ी भी ज्यादातर दक्षिण में रहते हैं ! सहरिया समुदाय दक्षिण-पूर्व में पाए जाते हैं ! और रबारी, जो पारंपरिक रूप से पशु पालक हैं, पश्चिम-मध्य राजस्थान में अरावली के पश्चिम में रहते हैं !

Rajasthan – सामाजिक जीवन – social life

राजस्थान का सामाजिक जीवन शांत है ! यहा झगड़े अपराध नहीं होते हैं ! त्योहारो मेलो शादि-विवाह में जोर-शोर से उत्सव मनाए जाते हैं ! स्त्रियों की दशा ठीक है, और राजपूतों तथा वैश्यों द्वारा उन्हें अधिक सम्मान दिया जाता है ! पहले यहा बहु विवाह तथा सती प्रथा प्रचलित थी, जो अब पूर्णता समाप्त हो चुकी है ! चैपड, शतरंज, ताश, नाच-कूद, कुश्ती, लड़ना, शिकारा, आदि मनोरंजन के साधन है !

परंतु यह सब आधुनिक प्रभाव के कारण कम होता जा रहा है ! स्त्री व पुरुषों में श्रंगार करना एक प्रकार की रीति है, स्त्रियां चमकीले व रंगीन कपड़े पसंद करती है ! यहां के अधिकतर लोग शाहकारी है, और रोटी, गुड, दालमोठ, सब्जी, घी, आदि का प्रयोग करते हैं !

संपन्न लोग अचार, मुरबा, पकवान, मादक पदार्थ आदि का भी प्रयोग करते हैं ! कुछ लोग जो मांसाहारी है भेड़ बकरी का मांस खाते हैं, यह देसी शराब का भी सेवन करते हैं ! स्त्रियों द्वारा मेहंदी लगाना, उबटन करना, अंजन का सेवन करना आदि अन्य विशेषताएं यहां के सामाजिक जीवन में पाई जाती है !

हिंदू धर्म – Hindu Religion

अधिकांश आबादी हिंदू धर्म को मानने वाली है ! यहा ब्रह्मा, विष्णु , शिव , शक्ति और अन्य हिंदू देवताओं की पूजा प्रचलित है ! राजस्थान का दक्षिणी शहर नाथद्वारा ,जहा वल्लभाचार्य स्कूल कृष्ण उपासकों का एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है !

इस्लाम – Islam

राज्य का दूसरा इस्लाम सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय, 12 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में मुस्लिम आक्रमणकारियों द्वारा अजमेर शहर, और आसपास के क्षेत्र की विजय के साथ राजस्थान में विस्तारित हुआ ! मुस्लिम मिशनरी और फकीर ख्वाजा मुहान अल-दीन चिश्ती का मुख्यालय अजमेर में था ! और मुस्लिम व्यापारी, शिल्पकार और सैनिक वहाँ बस गए थे !

जैन – Jain

जैन धर्म भी महत्वपूर्ण है, यह राजस्थान के शासकों का धर्म नहीं रहा है ! लेकिन व्यापारिक वर्ग और समाज के धनी वर्गों के बीच उनके अनुयायी हैं ! महावीरजी, रणकपुर, धुलेव, और करेरा के शहर और मंदिर जैन तीर्थ के प्रमुख केंद्र हैं ! एक और महत्वपूर्ण धार्मिक समुदाय द्वारा गठित है ! दादूपंथी , 16 वीं सदी के संत के अनुयायीदादू , जिन्होंने सभी लोगों की समानता, सख्त शाकाहार , नशीले पेय पदार्थों से पूर्ण संयम और आजीवन ब्रह्मचर्य का प्रचार किया !

राज्य में ईसाई और सिखों की छोटी आबादी भी है !

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